इस क्लासिक पहेली गेम की उत्तेजना को फिर से महसूस करें और अपनी बुद्धि की परीक्षा लें। छिपी हुई माइन से बचने के लिए अपनी तर्क शक्ति और विश्लेषण का उपयोग करें और जीत हासिल करें! 🤗
माइनस्वीपर एक क्लासिक पहेली (पज़ल) वीडियो गेम है जिसने दशकों से खिलाड़ियों का मनोरंजन किया है। इस खेल की शुरुआत कंप्यूटर गेमिंग के शुरुआती दौर में हुई और इसका मूल विचार कई दशक पहले ही उभर आया था। 1960 के दशक और 1970 के दशक में विभिन्न कम्प्यूटर प्लेटफॉर्म पर खदानों (माइन्स) से जुड़ी लॉजिक पहेलियाँ दिखाई देने लगी थीं, जिनमें खिलाड़ी को छिपी हुई खदानों का पता लगाना होता था। उदाहरण के लिए, 1983 में ZX Spectrum कंप्यूटर के लिए "माइंड-आउट" (Mined-Out) नामक खेल आया, जिसमें छुपी बारूदी सुरंगों वाले क्षेत्र से सुरक्षित रास्ता ढूँढना पड़ता था। इन शुरुआती खेलों ने माइनस्वीपर के कांसेप्ट को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आधुनिक रूप में माइनस्वीपर को माइक्रोसॉफ्ट के दो कर्मचारियों - कर्ट जॉनसन और रॉबर्ट डॉनर - ने विकसित किया। कर्ट जॉनसन ने सबसे पहले इसे IBM के OS/2 ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए बनाया, और बाद में रॉबर्ट डॉनर ने इसे माइक्रोसॉफ्ट विंडोज़ प्लेटफ़ॉर्म पर पोर्ट किया। इस खेल को आधिकारिक तौर पर 1990 में माइक्रोसॉफ्ट एंटरटेनमेंट पैक के हिस्से के रूप में रिलीज़ किया गया, जो Windows 3.0 के लिए एक गेम संग्रह था। माइनस्वीपर जल्द ही इतना लोकप्रिय हुआ कि 1992 में Windows 3.1 के अपडेट में इसे ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ शामिल कर दिया गया, जहाँ इसने पिछले प्री-इंस्टॉल्ड खेल Reversi (रिवर्सी) की जगह ले ली। उस दौर में बहुत कम ऐसे गेम थे जो कंप्यूटर में पहले से इंस्टॉल होकर आते थे - Solitaire (सॉलिटेयर) और Chess (शतरंज) जैसे कुछ नाम प्रमुख थे - और माइनस्वीपर भी जल्दी ही हर विंडोज़ कंप्यूटर का एक जाना-पहचाना हिस्सा बन गया।
1990 के दशक और 2000 के शुरुआती वर्षों में माइनस्वीपर कार्यालयों और घरों में समय बिताने का एक पसंदीदा जरिया बन गया। क्योंकि यह खेल सभी Windows कंप्यूटरों पर मुफ्त उपलब्ध था, लाखों उपयोगकर्ताओं ने इसके माध्यम से न सिर्फ मनोरंजन किया बल्कि कंप्यूटर पर माउस का इस्तेमाल करना भी सीखा। वास्तव में, माइक्रोसॉफ्ट ने माइनस्वीपर और सॉलिटेयर जैसे गेम्स को Windows में शामिल करने का एक कारण नए यूज़र्स को माउस के दाएँ और बाएँ क्लिक जैसे बुनियादी कौशल सिखाना भी था। माइनस्वीपर खेलते समय खिलाड़ियों को सुरक्षित खानों को खोलने के लिए लेफ़्ट-क्लिक और संभावित खदानों को चिह्नित (फ्लैग) करने के लिए राइट-क्लिक का प्रयोग करना पड़ता था। इस तरह, लोग खेल-खेल में कंप्यूटर नियंत्रणों के प्रति सहज होते गए। अपनी सादगी लेकिन चुनौतीपूर्ण गेमप्ले की वजह से, माइनस्वीपर ने कई लोगों को घंटों तक मशगूल रखा। यहां तक कि कुछ लोग इसकी पहेली सुलझाने में इतने डूब जाते थे कि उच्च स्कोर बनाने या न्यूनतम समय में बोर्ड साफ़ करने की होड़ लग जाती थी।
दो दशकों तक माइनस्वीपर लगभग अपरिवर्तित रूप में Windows का हिस्सा बना रहा। हालाँकि, समय के साथ कुछ छोटे-मोटे बदलाव और घटनाएँ हुईं। 2001 में कुछ समूहों ने इस बात पर आपत्ति जताई कि यह खेल बारूदी सुरंगों जैसी गंभीर चीज़ को मनोरंजन का विषय बनाता है। विशेषकर "International Campaign to Ban Winmine" नामक एक अभियान ने तर्क दिया कि माइनस्वीपर युद्ध क्षेत्रों में बारूदी सुरंगों के शिकार हुए लोगों की पीड़ा को नज़रअंदाज़ करता है। इन चिंताओं के जवाब में, माइक्रोसॉफ्ट ने Windows Vista (वर्ष 2007) में माइनस्वीपर के लिए एक विकल्प पेश किया जिसमें खदानों की जगह फूल (Flower Garden थीम) लगाए जा सकते थे। Vista संस्करण में खेल का लुक और महसूस थोड़ा अपडेट हुआ (यह संस्करण Oberon Media द्वारा विकसित था), लेकिन मूल गेमप्ले वही रहा। इस "फ्लावर" मोड में विस्फोट होने पर बम के स्थान पर फूल दिखते थे, ताकि खेल को कम आक्रामक रूपक दिया जा सके।
वर्ष 2012 में, जब Windows 8 लॉन्च हुआ, तो यह पहली बार था जब माइनस्वीपर को Windows में डिफ़ॉल्ट रूप से शामिल नहीं किया गया। लगभग 20 वर्षों तक हर Windows रिलीज़ का हिस्सा रहने के बाद, Windows 8 में इस क्लासिक गेम को प्री-इंस्टॉल्ड सूची से हटा दिया गया। इसके बजाय, माइक्रोसॉफ्ट ने Windows स्टोर पर "Microsoft Minesweeper" के नाम से इसका आधुनिक संस्करण जारी किया, जिसे इच्छुक उपयोगकर्ता मुफ्त डाउनलोड कर सकते थे। नए संस्करण में ग्राफ़िक्स बेहतर थे, साथ ही उपलब्धियों और विभिन्न मोड जोड़े गए, लेकिन मूल अवधारणा वही रही। इस बीच, इंटरनेट और मोबाइल युग के आते-आते माइनस्वीपर केवल Windows तक सीमित नहीं रहा। Linux और Mac जैसे अन्य ऑपरेटिंग सिस्टम पर भी इसी तरह के Minesweeper-क्लोन या संस्करण उपलब्ध हो गए (उदाहरण के लिए KDE डेस्कटॉप का "KMines" और GNOME का "Mines" गेम)। स्मार्टफ़ोन के लिए अनेक डेवलपर्स ने माइनस्वीपर के मोबाइल संस्करण बनाए, जिससे यह खेल हर प्लेटफ़ॉर्म पर पहुँच गया। कुल मिलाकर, माइनस्वीपर का इतिहास एक साधारण-से आरम्भ से लेकर विश्व-प्रसिद्ध पहेली खेल बनने तक का सफर है। वर्षों बाद भी, इसके अलग-अलग संस्करण और रूपांतरण खेल जगत में सक्रिय हैं और नई पीढ़ी के खिलाड़ी भी इस टाइमलेस क्लासिक का आनंद ले रहे हैं।
माइनस्वीपर में एक आयताकार ग्रिड (तालिका) होता है जो छोटे-छोटे वर्गों (सेल) से मिलकर बना होता है। खेल शुरू होते समय सभी सेल ढँके (कवर) रहते हैं और खिलाड़ी को इनमें छिपी बारूदी सुरंगों (माइन्स) का पता लगाना होता था। प्रत्येक स्तर पर कुछ निश्चित संख्या में खदानें यादृच्छिक (रैंडम) रूप से ग्रिड में बिछी होती हैं। खेल का उद्देश्य उन सभी सेल को सुरक्षित रूप से खोलना है जिनमें खदान नहीं है, और सभी खदानों को फ़्लैग द्वारा चिन्हित करना है, बिना किसी खदान पर क्लिक किए। यदि गलती से आप किसी खदान वाले सेल पर क्लिक कर देते हैं, तो तुरंत विस्फोट होकर गेम ओवर हो जाता है।
जब आप किसी सेल पर क्लिक करते हैं और वह सेल खाली (सुरक्षित) होता है, तो उस स्थान पर एक संख्या दिखाई देती है (या कुछ मामलों में वह खाली ही रहता है)। यह संख्या उस सेल के चारों तरफ लगे आठों पड़ोसी सेल (ऊपर, नीचे, बाएँ, दाएँ और चारों कोनों सहित) में छिपी खदानों की गिनती को दर्शाती है। उदाहरण के लिए, यदि आपने एक सेल खोला और उसमें "3" अंक आया, तो इसका अर्थ है कि उस सेल से लगे हुए आस-पास के आठ सेल में कुल 3 खदानें मौजूद हैं। इसी तरह अगर किसी खुले सेल पर "0" दिखता है (अक्सर 0 के स्थान पर खाली स्थान प्रदर्शित होता है), तो उसके आस-पास के किसी भी सेल में एक भी खदान नहीं छुपी है। "0" वाले सेल खुलते ही अपने आप आसपास के क्षेत्रों को भी खोल देते हैं क्योंकि वे सभी सुरक्षित होते हैं। इस तरह कभी-कभी एक क्लिक करते ही आसपास का बड़ा हिस्सा खुल जाता है, जिससे खेल में काफी क्षेत्र साफ़ हो सकता है और आपको कई संख्याएँ एक साथ देखने को मिलती हैं।
संख्याओं की इसी प्रणाली के आधार पर खिलाड़ी तर्क लगाकर पता करते हैं कि किन आस-पास के कवर सेल में खदानें छिपी हो सकती हैं। जिन सेल में खदान होने की प्रबल संभावना होती है, उन्हें फ़्लैग (झंडा) लगाकर चिह्नित किया जाता है। आमतौर पर कंप्यूटर पर राइट-क्लिक करके उस सेल पर एक छोटा लाल झंडा लगाया जा सकता है। यह झंडा लगाने का मतलब है कि आप मानते हैं वहाँ खदान है और आप उस सेल को नहीं खोलेंगे। फ्लैग लगाने से वह सेल सुरक्षित लॉक हो जाता है (ताकि उस पर आकस्मिक क्लिक न हो) और आपको संख्याओं के हिसाब से गणना करने में मदद मिलती है कि और किन स्थानों पर खदानें हो सकती हैं। कुछ संस्करणों में, यदि निश्चित नहीं हैं तो आप सेल पर प्रश्न चिह्न (?) भी लगा सकते हैं जो बताता है कि यह जगह संदिग्ध है लेकिन पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, प्रश्न चिह्न का उपयोग वैकल्पिक है और अधिकतर अनुभवी खिलाड़ी स्पष्ट निर्णय लेकर सीधे फ्लैग लगाने या न लगाने को ही महत्व देते हैं।
माइनस्वीपर में जीतने के लिए आपको सभी सुरक्षित (नॉन-माइन) सेल खोलने होते हैं। जैसे-जैसे आप सुराग (संख्याएँ) देखते जाते हैं और तर्क के साथ फ्लैग लगाकर सभी खदानों को चिन्हित कर लेते हैं, अंततः ग्रिड के बाकी बचे हुए सेल खोलना संभव हो जाता है। खेल तब जीता जाता है जब बोर्ड पर बिना खदान वाले सभी सेल खुल जाएँ (चाहे फ्लैग लगे हों या नहीं)। आखिरी कदम पर, यदि कोई खदानें बची रह गई हैं जिन्हें आपने फ़्लैग नहीं किया था, तो गेम अपने आप उन्हें फ़्लैग कर देता है और आपको जीत की सूचना देता है। आम तौर पर, एक सफल खेल में आप पूरे बोर्ड को बिना विस्फोट के साफ़ कर लेते हैं। दूसरी ओर, हारने की स्थिति वह है जब किसी भी चरण पर आप किसी खदान पर क्लिक कर बैठते हैं - तब तुरंत उस खदान सहित बाकी सभी खदानों की स्थिति उजागर हो जाती है और स्क्रीन पर बम के चित्र दिखाई देते हैं, जो संकेत देता है कि खेल समाप्त हो गया है।
माइनस्वीपर के पारंपरिक संस्करण में तीन मुख्य कठिनाई स्तर होते हैं: "Beginner" (शुरुआती) - छोटा बोर्ड और कम खदानें, "Intermediate" (मध्यम) - मध्यम आकार का बोर्ड, और "Expert" (उन्नत) - बड़ा बोर्ड जिसमें खदानों की संख्या बहुत अधिक होती है। उदाहरण के लिए, क्लासिक विंडोज़ माइनस्वीपर में Beginner स्तर पर 9x9 ग्रिड में 10 खदानें होती हैं, Intermediate पर 16x16 ग्रिड में 40 खदानें, और Expert स्तर पर 30x16 ग्रिड में 99 खदानें होती हैं। इसके अलावा एक "Custom" (कस्टम) मोड भी होता है जिसमें आप ग्रिड का आकार और खदानों की संख्या स्वयं निर्धारित कर सकते हैं। चाहे बोर्ड छोटा हो या बड़ा, नियम एक जैसे ही रहते हैं - हर खुले नंबर से संकेत लेकर सभी छुपी खदानों को ढूँढ निकालना।
शुरुआती खिलाड़ियों के लिए सबसे पहला कदम होता है आसान सुरागों को पहचानना और सीधी-सीधी तार्किक चालें चलना। नीचे कुछ बुनियादी रणनीतियाँ दी गई हैं जो माइनस्वीपर खेलते समय बहुत काम आती हैं:
जब आप बुनियादी चालों में पारंगत हो जाएँ, तो कुछ उन्नत तकनीकों से और भी कठिन बोर्ड हल किए जा सकते हैं। अनुभवी खिलाड़ी अक्सर कुछ विशेष पैटर्न पहचानने लगते हैं और गेम को तेजी से खेलने के तरीके अपनाते हैं:
इन सुझावों और रणनीतियों की मदद से, एक नौसिखिया खिलाड़ी भी धीरे-धीरे कठिन से कठिन माइनस्वीपर बोर्ड को हल करने में निपुण हो सकता है। अभ्यास के साथ आप यह भी सीखेंगे कि अगला कदम क्या होना चाहिए, और आपकी गलतियाँ भी कम होती जाएँगी। धैर्य और निरंतर प्रयास इस खेल में कुशलता पाने की कुंजी है – हर असफल प्रयास से कुछ न कुछ सीखें, और अगली बार और बेहतर रणनीति के साथ लौटें।
माइक्रोसॉफ्ट Windows पर माइनस्वीपर के कई संस्करण समय के साथ आए हैं। क्लासिक माइनस्वीपर, जो Windows 3.1 से लेकर Windows XP तक लगभग अपरिवर्तित रूप में मौजूद था, वही सबसे प्रसिद्ध संस्करण है। Windows Vista (2007) और Windows 7 में माइनस्वीपर को नए स्वरूप (इंटरफ़ेस) के साथ पेश किया गया। इसमें ग्राफ़िक्स अधिक आधुनिक थे और एक विकल्प दिया गया था जिससे आप बारूदी सुरंगों की जगह फूलों वाले चिन्ह का प्रयोग कर सकते थे (जैसा पिछले सेक्शन में बताया गया, युद्ध क्षेत्रों के संदर्भ के प्रति संवेदनशीलता के कारण यह बदलाव आया)। हालाँकि खेल की यांत्रिकी वही पुरानी रही। Windows 8 के बाद से माइनस्वीपर Windows के साथ पूर्व-स्थापित होकर नहीं आता, लेकिन इसे Microsoft Store से निशुल्क डाउनलोड किया जा सकता है। आधुनिक Microsoft Minesweeper ऐप में क्लासिक मोड के साथ-साथ कुछ नए मोड भी शामिल हुए हैं। उदाहरण के लिए, एक एडवेंचर मोड जो माइनस्वीपर की अवधारणा को एक भूमिगत खज़ाना ढूँढ़ने की कहानी के साथ मिलाता है, जहाँ खिलाड़ी को सुरंगों में रास्ता बनाते हुए खदानों से बचना होता है। इसके अलावा, लीडरबोर्ड, उपलब्धियाँ और विभिन्न थीम/टाइलसेट जैसी सुविधाएँ भी नए संस्करणों में जोड़ी गई हैं।
Windows प्लेटफ़ॉर्म पर ही माइनस्वीपर के अन्य रोचक रूपांतरण भी देखने को मिले। 2003 में MSN Messenger (चैट ऐप) के भीतर "Minesweeper Flags" नामक दो-खिलाड़ी वाला संस्करण पेश किया गया। इस वेरिएंट में दो खिलाड़ी बारी-बारी से एक ही बोर्ड पर खेलते थे और लक्ष्य था अधिक-से-अधिक खदानों का पता लगाना। जो खिलाड़ी ज़्यादा खदानें खोज लेता था, वह विजेता होता था। Minesweeper Flags ने माइनस्वीपर के मूल एकल-खिलाड़ी अनुभव को प्रतिस्पर्धात्मक बना दिया, और दोस्त आपस में चैट करते-करते इस पहेली का मज़ा ले सकते थे। बाद में, 2010 में Xbox 360 कंसोल के लिए भी Minesweeper Flags का एक संस्करण जारी किया गया।
स्मार्टफोन और टैबलेट पर माइनस्वीपर ने नई जान फूँक दी है। Android और iOS दोनों प्लेटफ़ॉर्म पर कई डेवलपर्स ने माइनस्वीपर के क्लोन या संस्करण बनाए हैं, जिन्हें आप ऐप स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। अधिकांश मोबाइल संस्करणों में गेमप्ले तो मूल जैसा ही होता है, लेकिन नियंत्रण को टचस्क्रीन के अनुरूप ढाला गया है। उदाहरण के लिए, किसी सेल को खोलने के लिए उस पर टैप करें, और फ़्लैग लगाने के लिए उस सेल को थोड़ा देर तक दबाकर रखें (लॉन्ग-प्रेस)। कुछ ऐप्स में एक "Flag Mode" टॉगल बटन भी होता है जिसे सक्रिय करने पर आपके टैप फ्लैग लगाने के लिए, और सामान्य स्थिति में टैप सेल खोलने के लिए काम करते हैं। मोबाइल माइनस्वीपर गेम अक्सर विभिन्न थीम, रंग विकल्प, और कभी-कभी हिंट (संकेत) या Undo (पूर्ववत) जैसी सुविधाएँ भी देते हैं जो मूल PC संस्करण में नहीं थीं। मोबाइल पर छोटी ग्रिड से लेकर बहुत बड़ी कस्टम ग्रिड तक खेलने की स्वतंत्रता होती है, जिससे आप चलते-फिरते कभी भी अपने पहेली-सुलझाने के कौशल का अभ्यास कर सकते हैं।
इंटरनेट के ज़रिए माइनस्वीपर दुनिया भर में लाखों लोगों तक पहुँचा है। अनगिनत वेबसाइटों पर आप मुफ़्त में माइनस्वीपर खेल सकते हैं, बिना किसी इंस्टॉलेशन के सीधे ब्राउज़र में। कुछ ऑनलाइन संस्करणों में वैश्विक लीडरबोर्ड होते हैं, जहाँ आप देख सकते हैं कि आपका समय और स्कोर दुनिया भर के अन्य खिलाड़ियों से कैसे तुलना करता है। यहां तक कि प्रतियोगिताएँ और समुदाय भी विकसित हुए हैं, जहाँ खिलाड़ी अपने बेहतरीन समय साझा करते हैं और नई तरकीबें सीखते हैं। उदाहरण के लिए, Minesweeper.info जैसी साइटें विश्व रिकॉर्ड दर्ज करती हैं और माइनस्वीपर प्रेमियों के लिए एक फोरम भी प्रदान करती हैं।
खेल के नियम सरल और आकर्षक होने के कारण डेवलपर्स ने इसके अलग-अलग रूपों के साथ प्रयोग किए हैं। कुछ संस्करण तकनीकी रूप से रुचि रखने वालों को ध्यान में रखकर बने हैं – जैसे बेहतर रैंडमाइजेशन और अधिक आँकड़ों के साथ Minesweeper X, Arbiter या Viennasweeper जैसे क्लोन जिनका उपयोग तेज़ समय प्राप्त करने वाले खिलाड़ी करते हैं। अन्य संस्करण खेल के सिद्धांत में नया मोड़ जोड़ते हैं – जैसे षट्भुज (हेक्सागोन) ग्रिड वाला माइनस्वीपर, जहाँ हर सेल के 6 पड़ोसी होते हैं और गणित थोड़ा बदल जाता है, या त्रिकोणीय ग्रिड वाला संस्करण। 3-डी माइनस्वीपर भी कुछ उत्साही लोगों ने विकसित किया है, जिसमें खदानें घन (क्यूब) या किसी त्रि-आयामी संरचना में छुपी होती हैं।
माइनस्वीपर सिर्फ मनोरंजन ही नहीं है – यह हमारे मस्तिष्क के लिए एक बेहतरीन व्यायाम भी साबित होता है। इस खेल को खेलते समय खिलाड़ी लगातार विश्लेषण और निर्णय की प्रक्रियाओं से गुज़रता है। प्रत्येक क्लिक के बाद मिली जानकारी (संख्या) के आधार पर अगला कदम योजनाबद्ध करना होता है। यह एक प्रकार से तार्किक पहेली हल करने जैसा है, जहाँ आपको सीमित सुरागों से पूरी तस्वीर का अनुमान लगाना होता है। इस तरह की गतिविधि मस्तिष्क में नए तंत्रिका संबंध (न्यूरल कनेक्शन) बनाने और उन्हें मजबूत करने में मदद करती है।
नियमित रूप से माइनस्वीपर खेलने पर आप पाएंगे कि आपकी विश्लेषणात्मक क्षमता निखरने लगती है। आप दैनिक जीवन में भी समस्याओं को छोटे-छोटे हिस्सों में बाँटकर सुलझाने की प्रवृत्ति अपनाने लगते हैं, जैसा आप गेम में करते हैं। यह खेल धैर्य और एकाग्रता भी सिखाता है, क्योंकि कभी-कभी कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिलता और आपको लंबे समय तक ध्यानपूर्वक सोचने की आवश्यकता पड़ सकती है। इसके अलावा, माइनस्वीपर अनिश्चितता में भी निर्णय लेना सिखाता है – कई बार आपको अपूर्ण जानकारी के आधार पर जोखिम भरा कदम उठाना पड़ता है (जैसे 50-50 अनुमान), और ऐसे में चाहे सफलता मिले या विफलता, आप सीखते हैं कि अगली बार ऐसी स्थिति को कैसे संभालना है।
कुल मिलाकर, माइनस्वीपर एक ऐसा खेल है जो दिमाग को तेज़, सतर्क और तार्किक बनाता है। जिन्होंने नियमित तौर पर यह खेल खेला है, उन्होंने अक्सर महसूस किया है कि उनकी तार्किक सोच और समस्या सुलझाने की योग्यता में सुधार हुआ है। यह गेम एक प्रकार की "ब्रेन ट्रेनिंग" (दिमागी कसरत) के रूप में काम करता है, जिसमें आप खेल-खेल में अपने मस्तिष्क की अच्छी खासी कसरत कर लेते हैं।
माइनस्वीपर से जुड़ी कई मज़ेदार और दिलचस्प बातें भी हैं, जो इस खेल के इतिहास और समुदाय को और रोचक बनाती हैं:
इन तथ्यों से पता चलता है कि माइनस्वीपर केवल साधारण-सा दिखने वाला गेम भर नहीं है। वर्षों से इसने संस्कृति, तकनीक और लोगों के जीवन पर भी अपनी छाप छोड़ी है। चाहे वह दफ़्तर में समय बिताने का किस्सा हो, विश्व रिकॉर्ड की रोमांचक होड़ हो, या गेम के भीतर छुपी किसी ट्रिक की बात – माइनस्वीपर की दुनिया अपने आप में काफ़ी समृद्ध और रोचक है।
डेस्कटॉप या लैपटॉप पर माइनस्वीपर आमतौर पर माउस से खेला जाता है। नियंत्रण काफी सरल हैं: लेफ़्ट-क्लिक करने पर आप किसी सेल को खोलते हैं, और राइट-क्लिक करने पर उस सेल पर एक फ़्लैग लगा देते हैं। जैसे ही आपको लगे कि किसी जगह बम हो सकता है, वहाँ राइट-क्लिक कर दें; और जहाँ सुरक्षित लग रहा हो, वहाँ लेफ़्ट-क्लिक करके खोल दें। यदि आपके माउस में मध्य (स्क्रॉल) बटन है, तो कुछ संस्करणों में खुली संख्या पर मध्य-क्लिक करने से (या बायाँ और दायाँ बटन एक साथ दबाने से) Chord क्रिया होती है – यह उस संख्या के आस-पास के सभी छिपे सेल एकसाथ खोल देती है, बशर्ते आवश्यक फ़्लैग पहले ही लगा दिए गए हों।
कुछ खिलाड़ी कीबोर्ड का उपयोग करके भी माइनस्वीपर खेलते हैं, हालांकि यह उतना आम नहीं है। क्लासिक Windows Minesweeper में सीधे कीबोर्ड से खेलना संभव नहीं था, लेकिन आधुनिक संस्करणों या कुछ थर्ड-पार्टी क्लोन में कीबोर्ड सपोर्ट होता है। ऐसे मोड में आप तीर कुंजियों की मदद से ग्रिड पर चयन को इधर-उधर मूव कर सकते हैं। जब वांछित सेल चयनित हो जाए, तो Spacebar या Enter दबाकर आप उसे खोल सकते हैं (जैसे माउस से क्लिक करने पर खुलता है)। फ़्लैग लगाने के लिए आमतौर पर दूसरी कुंजी निर्धारित होती है – कुछ गेम में F कुंजी या Shift+Space का प्रयोग फ़्लैग लगाने हेतु किया जाता है। इसी तरह, यदि खुली संख्या वाली किसी सेल के आसपास जितने फ़्लैग चाहिए, वे लगा दिए गए हों, तो Shift+Enter जैसी किसी कुंजी संयोजना से उसके सभी पड़ोसी सेल खोले जा सकते हैं। प्रत्येक संस्करण में कीबोर्ड नियंत्रण थोड़े अलग हो सकते हैं, इसलिए यदि आप कीबोर्ड से खेलना चाहते हैं, तो गेम की सेटिंग या मदद में दिए निर्देश देखना उपयोगी रहेगा। कुल मिलाकर, माउस से खेलना सबसे सहज रहता है, लेकिन सुविधा की दृष्टि से कई संस्करणों में कीबोर्ड नियंत्रण का विकल्प भी मिलता है।
मोबाइल फोन या टैबलेट जैसे टचस्क्रीन उपकरणों पर माइनस्वीपर खेलने का तरीका माउस से थोड़ा अलग होता है। यहाँ टैप (स्क्रीन को छूना) लेफ़्ट-क्लिक के समान है, अर्थात किसी सेल को खोलने के लिए बस उसे टैप करें। फ़्लैग लगाने के लिए आम तौर पर दो विधियाँ देखने को मिलती हैं: या तो उस सेल को लंबा दबाकर रखें (लॉन्ग-प्रेस करें) जिससे वहाँ झंडा लग जाएगा, या कुछ ऐप एक विशेष "Flag Mode" बटन प्रदान करते हैं। फ्लैग मोड सक्रिय होने पर आपके साधारण टैप से फ्लैग लगता है, और फ्लैग मोड बंद होने पर उसी टैप से सेल खुलता है।
टच इंटरफ़ेस पर गलती से गलत सेल टैप होने की संभावना रहती है, इसलिए कई मोबाइल संस्करणों में पुष्टि (confirmation) या वाइब्रेशन फीडबैक जैसी सुविधाएँ होती हैं, ताकि असावधानी में बम न खुल जाए। उदाहरण के लिए, यदि आप तेज़ी से टैप करते हुए खेल रहे हैं तो हर फ्लैग लगाने पर फ़ोन थोड़ी कंपन या ध्वनि के जरिए संकेत दे सकता है, ताकि आपको एहसास हो जाए कि फ्लैग लग गया है। कुछ ऐप्स "पिंच-टू-ज़ूम" जैसी सुविधा भी देते हैं, जिससे आप बड़े ग्रिड को ज़ूम करके देख सकते हैं और छोटी खानों पर सटीक टैप कर सकते हैं। कुल मिलाकर, थोड़े अभ्यास के बाद टचस्क्रीन पर भी आप उतनी ही महारत के साथ माइनस्वीपर खेल सकते हैं जितनी माउस पर।
माइनस्वीपर के क्लासिक इंटरफ़ेस के कुछ खास हिस्से होते हैं। आम तौर पर स्क्रीन के शीर्ष पर एक स्माइली चेहरा बटन होता है, जिसका इस्तेमाल नई गेम शुरू करने या रीसेट के लिए किया जाता है। गेम शुरू होने से पहले यह चेहरा मुस्कुराता हुआ 😊 दिखता है। खेल के दौरान जब तक आप सुरक्षित चालें चलते हैं, स्माइली मुस्कान बनाए रखता है, लेकिन जैसे ही आप किसी खदान पर क्लिक करते हैं वह चौकन्ना या दुःखी चेहरा 😵 बना लेता है, जिससे तुरंत पता चल जाता है कि आप हार गए। यदि आप जीत जाते हैं तो यही स्माइली काला चश्मा लगाए विजयी चेहरा 😎 बन जाता है। इस चेहरे वाले बटन पर क्लिक करके आप कभी भी नया गेम प्रारंभ कर सकते हैं।
स्माइली के एक ओर "माइन काउंटर" डिस्प्ले होता है, जो दिखाता है कि बोर्ड पर कुल कितनी खदानें थीं और आपने अनुमानतः कितनी खदानें बाकी रखी हैं (आपके लगाए फ़्लैग के अनुसार यह संख्या घटती-बढ़ती रहती है)। दूसरी ओर एक टाइमर होता है, जो सेकंड में समय गिनता है कि आपने मौजूदा गेम में कितना समय लगा दिया है। जैसे ही आप पहली बार क्लिक करते हैं, टाइमर शुरू हो जाता है और जीतने या हारने पर रुक जाता है। कम समय में गेम पूरा करना कई खिलाड़ियों के लिए एक अलग चुनौती होती है, और यही टाइमर उन्हें अपनी बेहतरीन गति मापने में मदद करता है।
जब आप किसी सेल को खोलते हैं और उस पर 1 से 8 तक कोई संख्या आती है, तो क्लासिक माइनस्वीपर में इन संख्याओं को अलग-अलग रंगों में दिखाया जाता है ताकि पहचान में आसानी हो। मसलन '1' नीले रंग में, '2' हरे में, '3' लाल में दिखती है। बड़े अंक जैसे '4', '5', '6' भी अलग-अलग रंगों में होते हैं (जैसे गहरा नीला, भूरा इत्यादि), और '7', '8' काले रंग जैसे गाढ़े रूप में प्रदर्शित होते हैं। रंगों की इस स्कीम से भीड़ भरे बोर्ड में भी नज़र दौड़ाते ही अंदाज़ा हो जाता है कि कौन-सा अंक कहाँ है। इसके अतिरिक्त, कुछ संस्करणों में आप विकल्प मेन्यू से प्रश्न चिह्न (?) मार्कर को सक्षम कर सकते हैं। इससे राइट-क्लिक घुमा-घुमाकर आप फ़्लैग के बजाय एक सवालिया निशान लगा सकते हैं, जो दर्शाता है कि उस सेल को लेकर आप आश्वस्त नहीं हैं। (हालाँकि यह सुविधा वैकल्पिक है और अक्सर अनुभवी खिलाड़ी इसे बंद रखते हैं।)
अधिकांश संस्करणों में इंटरफ़ेस के भाग के रूप में मेन्यू या सेटिंग्स होती हैं, जहाँ आप कठिनाई स्तर बदल सकते हैं (Beginner/Intermediate/Expert/Custom), प्रश्न चिह्न मार्कर ऑन/ऑफ़ कर सकते हैं, थीम या रंग-रूप बदल सकते हैं, और कभी-कभी हिंट (संकेत) मोड भी सक्षम कर सकते हैं। कुल मिलाकर, माइनस्वीपर का इंटरफ़ेस सादगीपूर्ण रखा जाता है ताकि खिलाड़ी का ध्यान मुख्य पहेली पर रहे। शीर्ष पर समय, बचे हुए बमों की संख्या, और नई गेम का स्माइली बटन – ये तीन मुख्य तत्व लगभग हर संस्करण में मिलेंगे, भले ही उनकी सूरत या शैली समय के साथ बदल गई हो।
अपनी तर्क शक्ति को परखें, माइन को चिह्नित करें और जीत हासिल करें! हर खेल एक नई पहेली है, तो खुद को चुनौती दें और हर बार बेहतर बनें।